Some behavior quotes that you should analyse

Behavior status

कोई ताबीज ऐसा दो की मैं चालाक हो जाऊं, बहुत नुकसान देती है मुझे ये सादगी मेरी .!
किसी का सरल स्वभाव उसकी कमज़ोरी नही होता है।
खुद को खराब कहने की ताकत नहीं है, इसलिए वो कहते हैं कि ज़माना खराब है !
खुशामद करने से झूठ बोलने की आदत पड़ती है !
ग़लती’ चीज़ों को अलग तरीके से करने का ढंग मात्र है।
जमीर का फ़क़ीर ना सही, बेअक्ल या सग़ीर नहीं हूँ मैं । पैसे से अमीर ख़ुदा ने नवाजा नहीं, मगर दिल का गरीब नहीं हूँ मैं ।

जीवन मिलना यह भाग्य पर निर्भर है, किंतु मृत्यु के बाद भी लोगों के दिलों में ज़िंदा रहना यह अपने कर्मों पर निर्भर है
जुबान सुधर जाए तो जीवन सुधरने में वक़्त नहीं लगता।
तुमने धक्का दिया हमें डुबोने के लिए, अंजाम ये रहा कि आज हम तैराक बन गए ।
हर किसी को खुश रखना शायद हमारे बस में न हो पर किसी को हमारी वजह से दुःख न पहुँचे यह तो हमारे बस में है !
दूसरों को क्षमा करें, इसलिए नहीं कि वे क्षमा के काबिल हैं, बल्कि आप शांति के हकदार है।
हर किसी को खुश करना शायद हमारे बस में ना हो, लेकिन किसी को हमारी वजह से दुःख ना पहुँचे, यह तो हमारे बस में है।
हमेशा दिमाग खुला और दिल को दयालु रखें।
सामने वाला गुस्से में है तो आप चुप रहिए ! वह थोड़ी देर बाद खुद चुप हो जाएगा !!
मौन की ताकत को कभी कम मत समझो।
शायद एक दिन हम सब एक दूसरे को सिर्फ यह सोचकर खो देंगे कि वो मुझे याद नहीं करता तो मैं क्यूँ करूँ।
लोगों के साथ सलूक करते वक्त याद रखिये कि आप तर्कशील प्राणियों के साथ नहीं, बल्कि भावनात्मक प्राणियों के साथ काम कर रहे हैं ।
रोज़ दर्पण में अपना चेहरा देखते वक़्त अपने चरित्र को भी देखने का प्रयत्न करें।
रिश्ता दिल में होना चाहिए शब्दों में नहीं और नाराजगी शब्दों में होनी चाहिए दिल में नहीं।।
मौन एक साधना है, और सोच समझ कर बोलना एक कला है …
मेरे बारे में अपनी सोच को थोड़ा बदलकर देख। मुझसे भी बुरे है लोग, तू घर से निकल के तो देख।
मेरे पापा ने एक बार मुझे बहुत जोर से मारा था ! अब अच्छा लगता है याद करके ! उस वक़्त क्यूँ नहीं लगा ? 🙂
मूर्ख मनुष्य क्रोध को जोर-शोर से प्रकट करता हैं, किंतु बुद्धिमान शांति से उसे वश में करता है ।
मुझे किसी को मतलबी कहने का कोई हक़ नहीं। मैं तो खुद अपने रब को मुसीबतों में याद करता हूँ ।
मनुष्य जैसा भाव करता है, वैसा ही हो जाता है।
बेफ़कूफी ही कुछ लोगों का धर्म है।
बेगाना हमने तो नहीं किया किसी को… लेकिन जिसका दिल भरता गया वो दूर जाता गया !
निंदा आकाश की ओर फेंके गये उस पत्थर के समान है, जो लौटकर उसी पर गिरता है, जिसने उसे फैंका था ।
नाखून बढ़ने पर नाखून ही काटे जाते हैं, उँगलियाँ नहीं। इसी तरह रिश्ते में दरार आये तो दरार को मिटाइए, रिश्ते को नही।

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